अखिलेश बोले- हार से हैरान हूं, कांग्रेस से गठबंधन जारी रहेगा

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उत्तर प्रदेश भाजपामय या यूं कहें कि मोदीमय नज़र आ रहा है. रुझान बता रहे हैं कि भाजपा उत्तर प्रदेश विधानसभा में स्पष्ट बहुमत के साथ वापसी की ओर बढ़ रही है. 14 वर्ष का वनवास खत्म हो रहा है और तीसरे पायदान की पार्टी सूबे की सरकार को अपने हाथ में लेती नज़र आ रही है. करारी हार के बाद बीएसपी चीफ मायावती ने ईवीएम में गड़बड़ी करने का आरोप बीजेपी पर लगाया है. अब तक मिले रुझान के अनुसार बीजेपी यूपी में 403 में से 324 सीटों पर आगे है जबकि सपा-कांग्रेस 55, बीएसपी 19 सीटों पर.

जातपात से उठकर लोगों ने किया वोट: अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि यूपी में प्रचंड जीत से नेता-कार्यकर्ता दोनों उत्साहित हैं. शाह ने पांचों राज्यों की जनता को बीजेपी को वोट करने के लिए धन्यवाद किया. उन्होंने कहा कि यूपी-उत्तराखंड में आजादी के बाद किसी पार्टी को सबसे बड़ी जीत मिली है. अमित शाह ने कहा कि इस जीत का श्रेय पीएम मोदी को जाता है. अमित शाह ने दावा किया कि बीजेपी चार राज्यों में सरकार बनाने जा रही है.

हार पर अखिलेश की पहली प्रतिक्रिया
यूपी के चुनाव परिणाम (up election result) के बाद अखिलेश यादव मीडिया से मुखातिब हुए. उन्होंने कहा कि वो भी इस तरह की हार से हैरान हैं. अखिलेश ने कहा, ‘सभाओं से जमकर भीड़ आई लेकिन परिणामों से हैरान हूं. हाइवे हमने भी बनाए शायद बुलेट ट्रेन के लिए जनता ने वोट किया है’. उन्होंने तुरंत हार की जिम्मेदारी लेने से इनकार करते हुए कहा कि समीक्षा के बाद जिम्मेदारी तय होगी.

अखिलेश की मानें तो लोगों ने और बेहतर भविष्य के लिए बीजेपी को वोट किया है और अब देखना है कि उनकी उम्मीदें पूरी होती हैं या नहीं. अखिलेश ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कांग्रेस से गठबंधन जारी रहेगा. बीजेपी पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि लोगों को समझाने से ज्यादा बहकाने से वोट मिलता है.

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जानें यूपी चुनाव नतीजों का LIVE UPDATE

कांग्रेस के लिए मणिपुर में कुछ गुंजाइश है. पंजाब पूरी तरह उनका दिखाई देने लगा है लेकिन गोवा में भाजपा के साथ कांटे की टक्कर है और फिलहाल किसी को स्पष्ट बहुमत मिलता नज़र नहीं आ रहा है.

शनिवार का जनादेश एक बात को पूरी तरह से स्थापित करता है- यूपी में अभी भी मोदी की लहर है. राज्य की विधानसभा में 10 प्रतिशत की हैसियत वाली पार्टी ने जब 2014 के आम चुनाव में 73 सीटों पर जीत हासिल करके सबको चौंका दिया था तो विरोध के स्वरों ने कहा था कि यह 2017 में दोहराया नहीं जा सकेगा और राज्य की राजनीति पर क्षेत्रीय दलों का वर्चस्व बना रहेगा.

जानें उत्तराखंड चुनाव नतीजों का LIVE UPDATE

इस तर्क को मज़बूत किया था दिल्ली विधानसभा में आम आदमी पार्टी की जीत ने. और रही सही कसर बिहार में नीतीश-लालू महागठबंधन की जीत ने पूरी कर दी थी. इसी तर्क के चश्मे से उत्तर प्रदेश के चुनाव को भी देखा जा रहा था. लेकिन मोदी लहर ने इस चश्मे को चूर-चूर कर दिया है. उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी ऐतिहासिक बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है.

जानें पंजाब चुनाव नतीजों का LIVE UPDATE

मोदी की इस जीत के आगे पंजाब में पार्टी की हार कहीं खो जाएगी. गोवा में गिरा हुआ प्रदर्शन और मणिपुर में जीत के बड़े दावे भी अवध की होली में खो जाएंगे. उत्तराखंड इस रंग को और गाढ़ा करेगा और मोदी का केसरिया होली का नारा अब सच्चाई बनकर लोगों के सामने है.

 

जीत के मायने
मोदी की इस जीत में कई बातें अंतरनिहित हैं. सबसे बड़ी जीत हुई है नोटबंदी की. आलोचना के तमाम सुरों को अब पूरी तरह दबा दिया जाएगा और इस जनादेश को नोटबंदी पर जनता की मुहर के तौर पर देखा जाएगा. साथ ही सर्जिकल स्ट्राइक से मोदी लोगों के बीच में छवि निर्माण का काम कर पाने में सफल रहे, यह भी इस परिणाम से स्थापित होता है.

जानें गोवा चुनाव नतीजों का LIVE UPDATE

उत्तर प्रदेश और बाकी राज्यों के अबतक के नतीजों को देखें तो स्पष्ट दिखता है कि राज्यों में मतदान बदलाव के लिए हुआ है. उत्तर प्रदेश में पिछले 14 साल से सपा और बसपा की सरकारों को देखते आ रहे लोगों ने इसबार भाजपा को मौका देने का निर्णय लिया है. यही स्थिति पंजाब की है जहां अकाली-भाजपा गठबंधन को खारिज कर लोगों ने दोबारा कांग्रेस पर दांव लगाया है. कांग्रेस ने उत्तराखंड खोया है और वहां जोड़-तोड़ से खड़ी हुई भाजपा बहुमत के साथ सरकार बनाने जा रही है.

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में किसे मिल रही है जीत, देखिए India Today पर Live

इस चुनाव नतीजे ने जहां एक ओर दलित राजनीति के एक लंबे अध्याय को फिलहाल बंद कर दिया है वहीं केजरीवाल के रथ को भी दिल्ली की सीमा के अंदर ही रोक दिया है. केजरीवाल के लिए और मायावती के लिए अब यह आत्ममंथन का समय है. मायावती लगातार सिमटती जा रही हैं और केजरीवाल शायद अपनी रणनीति में कुछ भूल कर रहे हैं, उन्हें विकल्पहीनता में जीतना तो आता है लेकिन मज़बूत विकल्प से लड़ना शायद नहीं.

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