यूपी में अब अंबेडकर का नाम होगा भीमराव ‘रामजी’ आंबेडकर, रामजी उनके पिता का नाम

March 29, 2018 social, Uncategorized0
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उत्तर प्रदेश के गवर्नर राम नाईक लंबे वक्त से बाबा साहेब के नाम में ‘रामजी’ जोड़ने के लिए एक कैंपेन चला रहे थे।

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के सभी रिकॉर्ड्स में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम के साथ ‘रामजी’ जोड़ा जाएगा। योगी सरकार ने गुरुवार को राज्यपाल राम नाईक की सलाह के बाद डॉ. भीमराव अंबेडकर का नाम बदलकर डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर करने का आदेश जारी किया। उधर, बसपा और सपा ने कहा कि योगी सरकार काम का दिखावा करती है। कभी राम के नाम पर, कभी हनुमान के नाम पर तो कभी गाय के नाम पर लोगों का ध्यान भटकाती है। अब उसने आंबेडकर का सहारा लिया है।

‘रामजी’ के बिना बाबा साहेब का नाम अधूरा
– गवर्नर राम नाईक लंबे वक्त से इसे लेकर एक कैंपेन चला रहे थे। उनका कहना है कि अंबेडकर महाराष्ट्र से जुड़े थे। लेकिन कभी भी उनके नाम के साथ पिता का नाम रामजी नहीं जोड़ा गया। उनका कहना था कि रामजी ना जोड़कर हम बाबा साहेब का अधूरा नाम लेते आए हैं।

राज्यपाल ने गलत नाम लिखने पर जताई थी नाराजगी
– दरअसल, पिछले साल दिसम्बर में राज्यपाल ने बाबा साहेब का नाम गलत लिखे जाने पर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कहा था कि किसी भी व्यक्ति का नाम उसी तरह लिखा जाना चाहिए जिस प्रकार से वह खुद लिखता हो।
– बता दें कि आगरा स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के नाम में अंबेडकर की जगह आंबेडकर लिखने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं।

बाबा साहेब खुद अपना नाम डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर लिखते थे
– सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव जितेंद्र कुमार के मुताबिक, राज्यपाल राम नाईक ने सरकार को संविधान की आठवीं अनुसूची की मूल प्रति के संलग्नक की एक फोटो कॉपी भेजी थी, जिसमें बाबा साहब ने अपने हस्ताक्षर करते हुए डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर लिखा था।

सपा, बसपा ने कहा- दिखावा करती है बीजेपी सरकार
– बसपा प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर ने कहा- “बाबा साहब के नाम में संशोधन से बीजेपी को कोई फायदा नहीं मिलेगा। अगर बीजेपी बाबा आंबेडकर के मिशन को बढ़ाना चाहती हैं तो उन्हें दलितों के उत्थान के लिए काम करना चाहिए। इतने सालों बाद भी बीजेपी सरकार में आंबेडकर की मूर्तियां तोड़ी जा रही हैं। बीजेपी सब दिखावा कर रही है।”
– सपा एमएलसी और प्रवक्ता सुनील सिंह साजन ने कहा- “बीजेपी सपा-बसपा के गठबंधन से डर गयी है। गठबंधन के चलते बीजेपी यूपी की अपनी सबसे मजबूत सीट गोरखपुर हार चुकी है। बीजेपी बातों की वीर है। वह कभी राम के नाम पर, कभी हनुमान के नाम पर तो कभी गाय के नाम पर लोगों का ध्यान भटकाती है। अब आंबेडकर का सहारा लिया है।”

मंत्री ने कहा- इस पर राजनीति नहीं होनी चाहिए
– राज्य सरकार के प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह का ने कहा- “सभी ऑफिसों में डॉ. भीम राव रामजी आंबेडकर की फोटो 1 अप्रैल से लगाई जाएंगी।”
– नाम सही किए जाने पर विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा- “उनके सही नाम लिए जाने पर इतनी परेशानी क्यों हो रही है। राज्यपाल राम नाईक ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी यही सलाह दी थी। उन्होंने इसे नहीं माना था। इस मामले में किसी को राजनीति नहीं करना चाहिए।”

कौन थे भीमराव अंबेडकर?
– डॉक्टर भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल 1891 में मध्यप्रदेश में हुआ था। पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल और मां का नाम भीमाबाई था। वे 14वीं संतान थे। उन्होंने विदेश जाकर इकोनॉमिक्स में डॉक्टरेट की डिग्री हासिल की थी, ऐसा करने वाले वह पहले भारतीय थे।

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